एक पत्रकार की निष्पक्ष पत्रकारिता ही राष्ट्रवाद है।
पत्रकार कौन है? पत्रकारिता क्या है? आधुनिक युग में पत्रकारिता भी पैसा कमाने के जरिये के रूप में देखा जाने लगा है। पहले भी स्थिति कुछ उत्तम नही थी लेकिन अब बद से बदतर जरुर होती जा रही। पत्रकार वो है जो कोई खबर को बिना तोड़ मरोड़ कर ,निस्पक्ष और सटीक जानकारी आम जन तक पहुँचाये। उसकी कलम से लिखी खबर जनहित में हो। लेकिन अब पत्रकारों की स्थिति ठीक नही,सत्ता बदलने के साथ साथ पत्रकार की कलम से निस्पक्ष होने की कला अब मरती दिख रही। ये लोकतंत्र के लिए घातक है। जागरूक आमजन को अखबार पढ़ते समय चाटुकारिता स्पष्ठ रूप से समझ आती है। न्यूज़ चैनल ने तो मानो पत्रकारिता की हत्या कर दी हो। 24 घण्टे न्यूज़ आपको सुनाई देगी कुछ तो खुद से बनाई भी जाती है। रोज न्यूज़ रूम में बैठे पत्रकार प्राइम टाइम शो में कोई विशेष उद्देश्य से बैठे होते है। कुछ काफी शोर मचाते है कुछ काफी नरम रहते है। उन्हें देखने वाली जनता के दिमाग को रोज भ्रमित किया जाता है । सत्ता में जो सरकार रहती है पत्रकार उसी की चाटूकारिता करने पर विवश होता है। ऐसा ना करने पर पत्रकार को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है अब तो सरकार पर सवाल उठाने पर देशद्रोही घोसित कर दिया जाता है। बहुत कम पत्रकार पत्रकारिता की राह चुनते है।वही चाटूकारिता करने पर फायदे के अतिरिक्त औऱ कुछ नही,केवल पत्रकार के जगह अपको सत्ता का दलाल घोसित कर दिया जाएगा।मनुष्य का स्वभाव है की पहले वो अपने स्वार्थ बारे में सोचता है और ऐसे पत्रकार सही मायने में देशद्रोही है। हकीकत तो ये है की पत्रकारिता
रोजगार नही बल्कि एक उपाधि है जो खुद से पहले देशहित के बारे में विचार करे। जिसकी कलम बिकाऊ ना हो ,उसने सच्चाई लिखने, बोलने का संकल्प लिया हो। जो निस्पक्ष हो ,सटीक हो। यही एक पत्रकार की देशभक्ति है। पारदर्शिता,जवाबदेही भी अब समाप्त हो चुकी है। क्योंकि ना तो अब पत्रकार तीखे सवाल कर सकता है और ना ही जवाब मांग सकता है। वर्ल्ड प्रेस फ़्रीडम इंडेक्स के मुताबिक 180 देशो में से हम 142 रैंक पर है। यही हमारी कमजोरी है। जिस देश मे पत्रकार चाटुकार हो तो फिर किसके और किस बात पर सवाल जवाब हो? चौथे स्तंभ का निर्माण तीनों स्तम्भों की प्रहरी के लिए किया गया था ना की चाटूकारिता के लिए। ऐसे में आमजन करे तो क्या करे? नागरिक धर्म अपनाए जागरूक रहे। देश हित मे काम करे। यही एक मात्र विकल्प है। एक और भी है आप भक्ति कर सकते है। देशभक्ति।
Comments
Post a Comment