सयम,धैय् ,संकल्प इसके अलावा नही है कोई विकल्प।
चीन से निकले कोरोना वायरस ने पूरी दूनिया को अपनी चपेट मे ले लिया है। रक्तबीज की तरह बढ़ता यह अदना सा वायरस इंसानी सभ्यता की अब तक की सबसे बड़ी चुनौती है।वैसे तो मानव इतिहास में रोग और महामारी ने बड़ी भूमिका निभाई है।हर महामारी के बाद एक नया सूरज निकलता है और मानव सभ्यता नई राह पर बढ़ जाती है । कोरोना डाराने लागा है। इसकी काट खोजने मे वक्त लागेगा,लेकिन इतना तो तय है कि इस जंग मे जीत तो इसांनियत की होगी। बस हमे संयम,धेय्,संकल्प,बानाए रखने की दरकार होगी।21 दिनो कि बात है। हम अपने घरो मे रहकर पूरे राष्ट्र को संक्रमण से बचा सकते है। इस वायरस के संक्रमण की श्रृंखला इतनी तेज और लम्बी है की एक संक्रमित व्यक्ति अगर पहले की तरह ही अपनी दिनचर्या रखे तो चंद दिनों में 406 लोगो को संक्रमित कर सकता है।खतरा बड़ा है। इससे निपटने के लिए इसकी संक्रमण श्रृंखला को तोड़ना होगा। वह तभी संभव होगा जब हम सब अपनी फिजिकल डिस्टैसिंग को चरम पर जिएंगे।यानी अपने घरों से बिल्कुल भी नही निकलेगे ।दुनिया का अनुभव बताता है कि जिन देशों ने इसमें कोताही की,वे आज बेबस और लाचार दिख रहे है। भले ही उनके पास स्वास्थ्य सुविधाओं का आधुनिक जखीरा कितना भी क्यो ना हो ।जिन देशों ने फिजिकल डिस्टैसिंग को सफलतापूर्वक लागू कराने में कामयाबी हासिल की, वहां संकमण के मामलों के ग्राफ तेज़ी से गिरना शुरू हुआ और वहां फिर से अच्छे दिनों की शुरूआत हो रही है।हमारे भी अच्छे दिन आएंगे ।बदलाव प्रकृति का नियम है।बस हमे अपने धैर्य को नही खोना है। दिशानिर्देश देना सरकार का काम है ।उस पर अमल करने और उसे सफलतापूर्वक लागू करने के हम सूत्रधार है। कोरोना वायरस के इस वैश्विक महामारी से लड़ने के लिए हमारे पास केवल तीन हथियार है- संयम,धैय्,संकल्प इसके अतिरिक्त्त और कोई विकल्प नही।देश और भारतीय समाज को 21 साल पीछे धकेलने से अच्छा है की 21 दिन हम घर में रहे। अपने संयम,धैय्,सकंल्प से ही ये जंग जितेंगे हम ।
👏👏👏..21 din ki baat haiii
ReplyDeleteAur hum sab saath haii🤞